मैक्स को पुलिस ने दिया नोटिस, मैक्स हॉस्पिटल ने दो डॉक्टरों को निकाला


डीकेएस डेस्क नई दिल्ली, शनिवार, 2 दिसंबर को राजधानी के शालीमार बाग स्थित मैक्स अस्पताल की ओर से एक जिंदा बच्चे को मृत बताने के मामले में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा अगर अस्पताल को जांच में लापरवाही का दोषी पाया गया तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
सरकार ने शुक्रवार को उस वक्त मैक्स अस्पताल की ओर से की गई आपराधिक लापरवाही की जांच का आदेश दिया था, जब यह सामने आया था कि इसके डॉक्टरों ने जिस बच्चे को मृत घोषित कर दिया था, वह बाद में जीवित पाया गया। जैन ने पत्रकारों को बताया कि एक बार रिपोर्ट आ जाने पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। अगर अस्पताल को मेडिकल लापरवाही का दोषी पाया जाता है तो इसका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। जैन ने कहा कि मामले की रिपोर्ट दो दिन में आने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले में सख्त कार्रवाई का वादा किया था। बीते 30 नवंबर की सुबह मैक्स अस्पताल में वर्षा नाम की एक महिला ने जुड़वां बच्चों (एक लड़का और एक लड़की) को जन्म दिया था, जिसमें बच्ची मृत ही पैदा हुई थी, जबकि बच्चे को अस्पताल ने मृत बता दिया था, जोकि बाद में जिंदा निकला।
इस बीच दिल्ली पुलिस ने शालीमार बाग के मैक्स अस्पताल को नोटिस भेज दिया है। अस्पताल की तरफ से जिंदा बच्चे को मृत बताकर परिजनों को सौंपने के मामले में पुलिस ने नोटिस के जरिए जानकारी मांगी है।वहीं, मैक्स हॉस्पिटल ने एक बयान जारी कर कहा है कि जब तक आईएमए एक्सपर्ट की देखरेख में जांच पूरी होने से पहले केस से संबंधित दो आरोपी डॉक्टरों, डॉक्टर एपी मेहता और डॉक्टर विशाल गुप्ता को नौकरी से निकाला जाता है। पीड़ित परिवार मैक्स के सामने धरने पर बैठा है परिवार की मांग ही अस्पताल को सील किया जाए।

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