मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार है जनता: शिवसेना

Manisha Kayande

भाषा: शिवसेना ने कहा है कि भाजपा के शासन से नाखुश जनता मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार है । साथ ही उसने दावा किया है कि महाराष्ट्र सरकार में शामिल उसके मंत्री इस्तीफा देने के लिए एकदम तैयार हैं और पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं।
शिवसेना प्रवक्ता मनीषा कायानडे ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के कामकाज के तरीके से और जिस तरह से वह खुाद को पेश करते हैं उससे पार्टी खुश नहीं है। भाजपा के पास अब इस तरह का दावा करने के अलावा कोई हथियार नहीं बचा है कि बृह्नमुंबई महानगर पालिका का कामकाज पारदर्शी नहीं हैं। उन्होंने कहा,‘‘अगर उनके दावों में सच्चाई है तो वे हमारे साथ सत्ता में क्यों बने हुए हैं। क्या वे सत्ता का सुख उठाना चाहते हैं।’’ मुंबई और राज्य के अन्य शहरों में होने वाले निकाय चुनावों में भाजपा के साथ मतभेद के चलते शिवसेना प्रमुख ने फडणवीस सरकार को ‘नोटिस पीरियड’ में रखा हुआ है और इस कारण पार्टी मंत्रिमंडल से बाहर होने की धमकी दे रही है।

पार्टी प्रवक्ता ने कहा,‘‘ हमारे मंत्रियों की मंत्रिमंडल में कोई आवाज नहीं है, वे (भाजपा) मंत्रिमंडल की बैठक को पारदर्शी नहीं बनाते और काम काज के आक्रमक तरीके में बदलाव नहीं लाते तो सेना के सारे मंत्री हटने के लिए तैयार हैं और पार्टी प्रमुख के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि शिवसेना ही नहीं जनता भी भाजपा से तंग आ चुकी है और मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि बीएमसी के पारदर्शी नहीं होने के भाजपा के दावे की उनकी ही केन्द्र सरकार ने हवा निकाल दी है। इसलिए मुख्यमंत्री ने उद्धवजी के खिलाफ शर्मनाक भाषा का इतेमाल शुरू कर दिया है। प्रवक्ता का इशारा ठाकरे के खिलाफ फडणवीस की उस टिप्पणी की ओर था जिसमें उन्होंने पूछा था कि क्या नोटबंदी का उन पर प्रतिकूल असर पडा है। इसबीच शरद पवार की अगुआई वाली एनसीपी ने शिवसेना को सरकार से समर्थन वापस लेने की चुनौती दी है और कहा कि वे मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार हैं।

पार्टी के प्रवक्ता नवाब मलिक ने पीटीआई भाषा से कहा,‘‘ शिवसेना के पास सरकार को छोड़ने की हिम्मत नहीं है। अगर वह ऐसा करती है तो एनसीपी किसी पार्टी का समर्थन नहीं करेगी और फिर से चुनाव कराने की मांग करेगी।’’

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