भारत के साथ संबंधों को आदर के साथ लिया जाना चाहिए : अमेरिकी कानूनविद

भाषा: भारतीय मूल के एक शीर्ष अमेरिकी कानूनविद ने कहा है कि क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए भारत के साथ संबंध महत्वपूर्ण हैं और दोनों देशों के बीच संबंधों को आदर के साथ लिया जाना चाहिए।

इवान्स यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और यूनिवसिर्टी ऑफ डेनवेर स्टर्म कॉलेज आफ लॉ में नंदा सेंटर फॉर इंटरनेशनल एंड कम्पैरेटिव लॉ के निदेशक वेद नंदा ने कहा, ‘‘ भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करना हमारे साझा हित में है। इससे ज्यादा महत्वपूर्ण क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए भारत के साथ अमेरिका की कूटनीतिक साझेदारी है, खासतौर पर चीन, पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे भारत के पड़ोसी मुल्कों को देखते हुए।’’ कई कानूनविदों और राजदूतों के शिक्षक रह चुके नंदा पूर्व विदेश मंत्री कोंडोलिजा राइस को भी पढ़ा चुके हैं। ‘द डेनवेर पोस्ट’ में ‘आपोजिट द एडिटोरियल पेज’ में नंदा ने कहा कि इन संबंधों को आदर दिया जाना चाहिए। भारत में सत्तारूढ़ दल के करीबी माने जाने वाले नंदा ने अपने लेख में एच-1बी वीजा का भी जिक्र किया। उन्होंने दो छात्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय छात्र यूरोपीय अथवा अन्य देशों का रख कर सकते हैं और ‘‘यह अमेरिका के लिए नुकसान है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं दो भारतीय छात्रांे से मिला जिनमें से एक की पुर्डयू में इंजीनियरिंग की और दूसरे की कार्नेगी मेलोन में एमबीए की पढ़ाई मंजूर कर ली गई थी। लेकिन अब दोनों यूरोपीय विश्वविद्यायलों में आवेदन कर रहे हैं और इसके पीछे बाहरी लोगों को नौकरियों में ट्रंप प्रशासन का संभावित प्रतिबंध एक कारण हो सकता है।

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