दिल्ली कमेटी ने संगतों के सहयोग से विशाल नगर कीर्तन सजाया गुरू तेग बहादर की शहादत को सिजदा


नई दिल्ली(23 नवम्बर 2017)ःइतिहासनुसार ‘‘हिन्द की चादर’’ श्री गुरू तेग बहादर जी की शहादत के बाद चांदनी चैंक से गुरू साहिब का शीश भाई जैता जी लेकर श्री आनंदपुर साहिब पहुंचे। आज गुरू साहिब के शहीदी दिवस के अवसर पर उसी मार्ग से ‘‘शीश मार्ग यात्रा’’ गुरूद्वारा शीश गंज से श्री आनंदपुर साहिब की ओर प्रस्थान करवाने के बाद दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा साहिब श्री गुरू तेग बहादर जी के शहीदी पर्व के संबंध मंे साहिब श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी छत्र-छाया अधीन एवं पांच प्यारे साहिबान के नेतृत्व मंे नगर कीर्तन गुरुद्वारा शीशगंज साहिब से सजाया गया। अरदास के बाद आरंभ होकर नगर कीर्तन दिल्ली एवं नई दिल्ली के विभिन्न बाजारों जैसे चांदनी चैंक, नई सड़क, चावड़ी बाजार, हौज काजी, अजमेरी गेट, पुल पहाड़ गंज, देशबंधु गुप्ता रोड, चूना मंडी, मेन बाजार पहाड़ गंज, बसंत रोड, पंचकुईया रोड, गुरूद्वारा बंगला साहिब रोड, गोल डाकखाना, बंगला साहिब एवं पंडित पंत मार्ग होता हुआ गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब मंे पहुंच कर समाप्त हुआ।
इस अवसर पर कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने संगतों को संबोधित करते हुए कहा कि हिन्दुस्तान मंे जब मुगल शासक औरंगजेब द्वारा हिन्दु धर्म एवं संस्कृति को तबाह करने के लिए हुक्म जारी किया गया तो उस समय केवल गुरू तेग बहादर जी ही इस संस्कृति को बचाने के लिए आगे आये। मुगल हकुमत द्वारा सख्ती का दौर इतना भयानक था कि सताये हुए लोगों का दुख सुनने को कोई भी तैयार नहीं था।
श्री गुरू ग्रंथ साहिब की पालकी के स्वागत में जगह-जगह गुरू महाराज के सम्मान में इलाके की संगतों ने स्वागती गेट बनाये थे।

लेखक के बारे में

उत्तर छोड़ दें