गोपाल अंसल की याचिका पर सुनवायी करेगा उच्चतम न्यायालय

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भाषा: उच्चतम न्यायालय रियल एस्टेट दिग्गज गोपाल अंसल की उस नयी याचिका पर तीन मार्च को सुनवायी के लिए आज राजी हो गया, जिसमें उपहार अग्निकांड में जेल की बाकी सजा काटने के लिये उन्हें दिये गये आदेश में सुधार का अनुरोध किया गया है।
शीर्ष अदालत ने हाल ही में गोपाल अंसल को इस मामले में जेल की शेष अवधि की सजा काटने का निर्देश दिया था जबकि उसके बड़े भाई सुशील अंसल को जेल की सजा से राहत मिल गयी थी। न्यायालय ने उनकी उम्र संबंधी दिक्कतों को ध्यान में रखते हुये कहा था कि उसने पहले ही जेल की सजा काट ली।

छोटे भाई ने भी इसी तरह की राहत का अनुरोध करते हुये दावा किया है कि उसकी आयु 69 वर्ष की है और अगर उसे जेल भेजा गया तो उसके स्वास्थ्य की अपूर्णीय क्षति होगी।

प्रधान न्यायाधीश जे एस खेहर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी से कहा कि इस मामले में पुनर्विचार याचिका की सुनवाई करने वाली पीठ के पास समय की उपलब्धता के बारे में वह पता लगायेगी और इस मामले को शुक्रवार को सुनवाई के लिये सूचीबद्ध किया जायेगा।

उपहार त्रासदी के पीड़ितों के एसोसिएशन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के टी एस तुलसी ने याचिका का विरोध करते हुये कहा कि पुनर्विचार याचिका पर सुनाये गये निर्णय पर पुनर्विचार नहीं हो सकता।

गौरतलब है कि अंसल बंधुओं के स्वामित्व वाले उपहार सिनेमा में 1996 में बार्डर फिल्म के प्रदर्शन के दौरान आग लग गयी थी जिसमें 59 लोगों की मौत हो गयी थी।

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